उत्साह UTSAH ( PASSION ): Urdu – Hindi Shayari Poetry Book 7 (Hindi Edition)


Value: ₹ 300.00
(as of May 12,2021 02:38:10 UTC – Particulars)



All Content material is Unique & is Composed by the Writer over a Life-Time’s work

सारी शायरी शायर ने खुद रची है , ज़िंदगी भर का तजुर्बा

 

All Poems( Shayari ) are of 4 Strains solely ( i.e. Rubaiyat )

सारी शायरी सिर्फ़ रुबाइयात हैं ( 4 पंक्तियाँ )

 

Rubaiyat on 4 Topics:-

4 विशयोन पर रुबाइयात

 

दुनियावी  MAJAZI  मजाज़ी  ( WORDLY LIFE )

हुस्न-ओ-इश्क़ HUSN-O-ISHQ    ( Romance , Love & Magnificence )

मैकशी MAIKASHI  ( LIQOUR DRINKING )

मज़ाहिया MAZAHIYA    ( FUNNY )

 

 

English Meanings are given for Troublesome Phrases

मुश्किल शब्दों के मतलब / अर्थ English में दिये गये हैं

 

SAMPLE POEMS – EXCERPTS FROM THIS BOOK

किताब से कुछ शायरी :-

 

MAJAZI  मजाज़ी  ( WORDLY LIFE ):-

 

1 पल दो पल

पल दो पल है बचपन लड़कपन

पल दो पल है जवानी बुढ़ापा

पल दो पल है ज़िंदगानी , शर्मा

पल दो पल है खेल तमाशा

 

2 ख़ाक

हर शै का ख़ाक से ही बन पाना है  |||| ख़ाक (DUST)

ख़ाक से बन , क़िसी का भी कैसा इतराना है

याद रहे हर शै का इतना ही अफ़साना है

शर्मा , ख़ाक को आख़िर सुपुर्द – ए – ख़ाक हो जाना है  |||| सुपुर्द – ए – ख़ाक(RETURN TO THE DUST )

 

3 दुनिया

दुनिया क्या है ? , मुसाफिर ख़ाना है

मख़लूकात क्या है ? , मुसाफिर है |||| मख़लूकात (all species )

ज़िंदगी क्या है ? , सफ़र है

शर्मा , मौत क्या है ? ,  मंज़िल है

 

HUSN-O-ISHQ  हुस्न-ओ-इश्क़  ( Romance , Love & Magnificence ):-

 

1 गुनाहों की किताब ( BOOK OF DEEDS )

दिलकश गुनाह पे गुनाह पे गुनाह किये जा रहे हो |||| दिलकश ( DELIGHTFUL )

किताब के सफ़े पे सफ़े पे सफ़े भरे जा  रहे हो

क्या गुनाह पे गुनाह का हिसाब देने को तैयार हो

शर्मा , गर नहीं तैयार तो बचने की कोई तदबीर करो

 

2 मुझे प्यार करने वाले

मुझे प्यार करने वाले , मुझे प्यार ना कर इतना

ख़ुशी से कहीं मेरा दम निकल ना जाये

मुझे प्यार करने वाले, तेरी आशक़ी के सदके

शर्मा , भूल कर भी तुझ से बेवफाई हो ना जाये

 

MAIKASHI   मैकशी  ( LIQOUR DRINKING ) :-

 

1 साकी व रिन्द

साकी पीला रही है , रिन्द जाम पी रहे हैं |||| साकी ( BAR WOMAN ) , जाम ( DRINK )

ख़ौफ़ है रिन्दों का होश उड़ ना जाये |||| रिन्दों ( DRUNKARDS )

मय पिलाती है , साकी नकाब – पोष हो कर इस लिये |||| मय ( LIQUOR , शराब )

शर्मा , पीते पीते , रिन्दों का कहीं दिल मचल ना जाये

 

AUTHOR

लेखक

 

A Life-Time Expertise of Urdu Poetry ( 70 Years )

ज़िंदगी भर का तजुर्बा ( 70 साल )

 

Born on 22 August 1937 in India & grew up in a Household Properly-versed with Urdu

जन्म 22 अगस्त 1937 भारत में , उर्दू घराने में

 

Schooled in Urdu

उर्दू में स्कूल और कॉलेज

 

Graduated – Panjab College ,  India

ग्रॅजुयेट – पंजाब विश्व विद्यालय , भारत

 

PUBLISHED WORKS

16 Books of  Urdu / Hindi Poetry ( Shayari ) are printed On-line on Amazon

16 किताबें उर्दू / हिन्दी शायरी की Amazon पर मौजूद हैं

 

Shayari printed in varied periodicals

मॅगज़ीन्स में शायरी छपी है

 

PROFESSION

काम :-

 

Flier , Indian Air Power Officer ( Retired )

भारतीय वायु सेना , अफ़सर

 

PASSIONS:-

शौक :-

 

Poetry Readings at Congregations

शायरी सम्मेलनों में हिस्सा लेना

 

REVIEWS

शायरों की राय :-

“Helps Readers Be taught & Compose too”

शायरी समजने और खुद लिखने में मदद मिलेगी पढ़ने वालों को

 

“Concepts , Ideas Alternate with fellow Poets”

शायरों की सोच , ख़यालात मिलेगी पढ़ने वालों को
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