जज़्बात JAZBAAT ( FEELINGS ): Urdu – Hindi Shayari Poetry Book 3 (Hindi Edition)


Value: ₹ 300.00
(as of May 12,2021 02:45:05 UTC – Particulars)


All Content material is Authentic & is Composed by the Writer over a Life-Time’s work

सारी शायरी शायर ने खुद रची है , ज़िंदगी भर का तजुर्बा

 

All Poems( Shayari ) are of 4 Traces solely ( i.e. Rubaiyat )

सारी शायरी सिर्फ़ रुबाइयात हैं ( 4 पंक्तियाँ )

 

Rubaiyat on 4 Topics:-

4 विशयोन पर रुबाइयात

 

दुनियावी  MAJAZI  मजाज़ी  ( WORDLY LIFE )

हुस्न-ओ-इश्क़ HUSN-O-ISHQ    ( Romance , Love & Magnificence )

मैकशी MAIKASHI  ( LIQOUR DRINKING )

मज़ाहिया MAZAHIYA    ( FUNNY )

 

 

English Meanings are given for Troublesome Phrases

मुश्किल शब्दों के मतलब / अर्थ English में दिये गये हैं

 

SAMPLE POEMS – EXCERPTS FROM THIS BOOK

किताब से कुछ शायरी :-

 

MAJAZI  मजाज़ी  ( WORDLY LIFE ):-

 

1 किया ना किया – मुहावरे

गर किसी ने की नहीं इबादत ,

तो कुछ किया किया ना किया |||| इबादत ( WORSHIP )

शर्मा , गर ख़ुदा ने बरसाई नहीं रहमत ,

तो अल्लाह , अल्लाह किया, किया ना किया |||| रहमत ( GOD’S GRACE )

 

2 प्यार – मुहावरे

गर हुस्न पर आये नहीं शबाब ,

तो हुस्न जीया जीया ना जीया |||| हुस्न ( BEAUTY )

शर्मा , गर दोनों तरफ लगी नहीं आग ,

तो प्यार किया, किया ना किया

 

3 मुहावरे

गर उन तक पहुँचा नहीं सलाम ,

तो खत लिखा लिखा ना लिखा

गर इश्क़ में हुए नहीं बदनाम ,

शर्मा , तो इश्क़ किया किया ना किया

 

 

HUSN-O-ISHQ  हुस्न-ओ-इश्क़  ( Romance , Love & Magnificence ):-

 

1 जान – ए – जानां

ऐ जान – ए – जानां , जब तक है जान

दिल है वहीं , तुम हो जहाँ

हो कहीं भी , यहाँ या वहाँ

शर्मा , रहते हो दिल में हुमारे, यहाँ

 

2 जान – ए – जानां

जब तक है जान , दिल रहे गा जवान

तुम्हारे दम से रहेंगीं धड़कनें रवाँ  ||||  रवाँ ( Steady Move )

मुल्क – ए – अदम में , रूहें मिलेंगी वहाँ  |||| रूहें (SOULS)

शर्मा , दौहराएंगी हमारी दुनियावी रंगीन दास्तान

 

MAIKASHI   मैकशी  ( LIQOUR DRINKING ) :-

 

1 मय

मय अच्छी है या बुरी है |||| मय ( LIQUOR , शराब )

ना अच्छी है ना बुरी है

इंसान की फितरत पर मुनहस्सर है |||| मुनहस्सर( डिपेंड्स )

शर्मा , मय हो ग़ुलाम, अच्छी है

 

2 मय

मय अच्छी है या बुरी है |||| मय ( LIQUOR , शराब )

ना अच्छी है ना बुरी है

इंसान की फितरत पर मुनहस्सर है |||| मुनहस्सर( DEPENDS )

शर्मा , इंसान बने ग़ुलाम, बुरी है

AUTHOR

लेखक

 

A Life-Time Expertise of Urdu Poetry ( 70 Years )

ज़िंदगी भर का तजुर्बा ( 70 साल )

 

Born on 22 August 1937 in India & grew up in a Household Effectively-versed with Urdu

जन्म 22 अगस्त 1937 भारत में , उर्दू घराने में

 

Schooled in Urdu

उर्दू में स्कूल और कॉलेज

 

Graduated – Panjab College ,  India

ग्रॅजुयेट – पंजाब विश्व विद्यालय , भारत

 

PUBLISHED WORKS

16 Books of  Urdu / Hindi Poetry ( Shayari ) are revealed On-line on Amazon

16 किताबें उर्दू / हिन्दी शायरी की Amazon पर मौजूद हैं

 

Shayari revealed in numerous periodicals

मॅगज़ीन्स में शायरी छपी है

 

PROFESSION

काम :-

 

Flier , Indian Air Pressure Officer ( Retired )

भारतीय वायु सेना , अफ़सर

 

PASSIONS:-

शौक :-

 

Poetry Readings at Congregations

शायरी सम्मेलनों में हिस्सा लेना

 

REVIEWS

शायरों की राय :-

“Helps Readers Be taught & Compose too”

शायरी समजने और खुद लिखने में मदद मिलेगी पढ़ने वालों को

 

“Concepts , Ideas Alternate with fellow Poets”

शायरों की सोच , ख़यालात मिलेगी पढ़ने वालों को

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