ज़िम्मेदारियाँ ZIMMADARIYAN ( RESPONSIBILITES ): Urdu – Hindi Shayari Poetry Book 6 (Hindi Edition)


Worth: ₹ 300.00
(as of May 13,2021 13:16:06 UTC – Particulars)


All Content material is Unique & is Composedby the Writer over a Life-Time’s work

सारी शायरी शायर ने खुद रची है , ज़िंदगी भर का तजुर्बा

 

All Poems( Shayari ) are of 4 Traces solely ( i.e. Rubaiyat )

सारी शायरी सिर्फ़ रुबाइयात हैं ( 4 पंक्तियाँ )

 

Rubaiyat on 4 Topics:-

4 विशयोन पर रुबाइयात

 

दुनियावी  MAJAZI  मजाज़ी  ( WORDLY LIFE )

हुस्न-ओ-इश्क़ HUSN-O-ISHQ    ( Romance , Love & Magnificence )

मैकशी MAIKASHI  ( LIQOUR DRINKING )

मज़ाहिया MAZAHIYA    ( FUNNY )

 

 

English Meanings are given for Troublesome Phrases

मुश्किल शब्दों के मतलब / अर्थ English में दिये गये हैं

 

SAMPLE POEMS – EXCERPTS FROM THIS BOOK

किताब से कुछ शायरी :-

 

MAJAZI  मजाज़ी  ( WORDLY LIFE ):-

 

1 काम  इबादत  है

इंसान का काम में मसरूफ़ रहना निहायत ज़रूरी है  |||| मसरूफ़(BUSY ) , निहायत(VERY)

वरना हजूम – ए – ख़यालात में मसरूफ़ होना गोया मजबूरी है  |||| हजूम(GROUP)

इस लिये आलम ने कहावत कही , काम इबादत है |||| आलम(THE WISE ) , इबादत(WORSHIP)

शर्मा , गोया , काम का काम , इबादत की इबादत  है

 

2 रफ़्ता रफ़्ता

मौसम जाए मौसम आए, रफ़्ता रफ़्ता

हर शै बदलती जाए, रफ़्ता रफ़्ता

बचपन , जवानी , बुढ़ापा , आए रफ़्ता रफ़्ता

शर्मा , ज़िंदगी गुज़र जाए, रफ़्ता रफ़्ता

 

3 प्यार से ज़िंदगी गुज़ारो

फूलों को भँवरा और है शमा को परवाना मिलता |||| शमा ( BURNING FLAME )

मगर क़िसी को कभी भी सब कुछ नहीं मिलता

शर्मा , बहारें जाती हैं और बहारें लौट आती हैं

मगर जो चला जाता है , लौट कर नहीं मिलता

 

HUSN-O-ISHQ  हुस्न-ओ-इश्क़  ( Romance , Love & Magnificence ):-

 

1 मज़ा आ गया

गो मुद्दत के बाद वोह मिले

मगर वही, दीवानों की तरह मिले

गुज़रे हुए ज़माने, याद आ गये

शर्मा , मज़ा आ गया, दिलशाद हो गये

 

2 अनमोल शै

हसीना भी क्या अनमोल शै अल्लाह ने बनाई है

हुस्न-ओ-शबाब ने दिलों में खलबली मचाई है

शर्मा , सोने पे सुहागा अदाओं ने लूट मचाई है

आम इंसान क्या , ऋषियों ने भी मात खाई है

 

MAIKASHI   मैकशी  ( LIQOUR DRINKING ) :-

 

1 बरसे शराब

पूछा रिन्द से बरसात में क्या ख़्वाहिश  तुम्हारी है

बोला , बरसात में बरसे शराब , यही ख़्वाहिश हमारी है

शर्मा , गो पसंद अपनी अपनी , फ़ितरत अपनी अपनी है

फ़ितरतन रिन्दों के दिमाग़ पे फ़कत शराब छाई है

 

AUTHOR

लेखक

 

A Life-Time Expertise of Urdu Poetry ( 70 Years )

ज़िंदगी भर का तजुर्बा ( 70 साल )

 

Born on 22 August 1937 in India & grew up in a Household Nicely-versed with Urdu

जन्म 22 अगस्त 1937 भारत में , उर्दू घराने में

 

Schooled in Urdu

उर्दू में स्कूल और कॉलेज

 

Graduated – Panjab College ,  India

ग्रॅजुयेट – पंजाब विश्व विद्यालय , भारत

 

PUBLISHED WORKS

16 Books of  Urdu / Hindi Poetry ( Shayari ) are revealed On-line on Amazon

16 किताबें उर्दू / हिन्दी शायरी की Amazon पर मौजूद हैं

 

Shayari revealed in varied periodicals

मॅगज़ीन्स में शायरी छपी है

 

PROFESSION

काम :-

 

Flier , Indian Air Power Officer ( Retired )

भारतीय वायु सेना , अफ़सर

 

PASSIONS:-

शौक :-

 

Poetry Readings at Congregations

शायरी सम्मेलनों में हिस्सा लेना

 

REVIEWS

शायरों की राय :-

“Helps Readers Be taught & Compose too”

शायरी समजने और खुद लिखने में मदद मिलेगी पढ़ने वालों को

 

“Concepts , Ideas Change with fellow Poets”

शायरों की सोच , ख़यालात मिलेगी पढ़ने वालों को

 
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