Dakaiti Tere Naam Ki: Devraj Chauhan Series (Dakaiti Tere Naam Ki Series Book 1) (Hindi Edition)


Value: ₹ 199.00
(as of Oct 17,2021 09:12:06 UTC – Particulars)


Half 1 – डकैती तेरे नाम की

Half 2 – यारी दौलत से

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कदम-कदम पर सनसनी से भरे हादसे।

कई बेहद दिलचस्प पात्र।

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जबर्दस्त डकैती में लिपटी, देवराज चौहान

सीरीज़ का ऐसा हंगामाखेज उपन्यास, जो

आपको बरसों तक याद रहेगा।

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देवराज चौहान से बनाई, अरबों की दौलत को

पाने के लिए, डकैती की योजना-

तभी पीछे से रूपा ईरानी, देवराज चौहान के पास पहुंची। उसकी सांसे तेज-तेज चल रही थीं।

“तुम तो कहते थे डकैती में कोई नहीं मरेगा।” उसके स्वर में गुस्सा था- “बाहर वालों की पीठ पर बारूद नहीं, खाली थैले है, लेकिन सुनने में आया है कि उनके थैलों में बारूद था। एक ने रिमोट का बटन दबाकर खुद को उड़ा लिया है।”

आस-पास चल रहे लोगों की निगाह उनकी तरफ उठी।

रूपा ईरानी के मुंह से ऐसे शब्द सुनकर देवराज चौहान हड़बड़ा उठा “बाद में बात करना।” देवराज चौहान ने अपने स्वर को गम्भीर और सामान्य रखा।

“क्यों? अब क्यों नहीं। तुमने कहा था कि इस डकैती में किसी की जान नहीं जायेगी।”

आसपास चलते लोग भी उनकी बातें सुनने लगे थे। पीछे आ रहे पुलि वाले ने ये सब सुना तो वो फौरन उनके सामने आकर रुक गया।

“मुझे बताईये मैडम।” पुलिस वाले का हाथ होलेस्टर में मौजूद रिवॉल्वर पर जा टिका था- “क्यों? डकैती में इसका हाथ है?”

“होश में रहकर बात करो।” देवराज चौहान गम्भीर स्वर में कह उठा- “मै आपको डकैती करने वाला लगता हूं। मैडम के होश कायम नहीं है इस वक्त। दरअसल डकैती के दौरान मैंने मैडम को विश्वास दिलाया था कि डकैती में किसी की जान नहीं जायेगी। बाहर जो दो व्यक्ति पीठों पर बारूद लादे हुए हैं, वो थैले खाली हैं। कोरी धमकी दे रहे हैं वे लोग। अब बाहर विस्फोट हुआ तो घबराहट में मैडम अपने होश खो बैठी और गुस्से में इस तरह बात करने लगी, जैसे मैं डकैती कर रहा होऊ।”

“इंस्पेक्टर साहब” भीड़ में दो कदमों की दूरी पर खड़ा जगमोहन जल्दी

से बोला- “ये जनाब ठीक कह रहे हैं। जब डकैती के बीच ये खुसर-फसर

कर रहे थे तो मैं इनके पीछे ही खड़ा था। मैडम घबरा रही थीं तो इन जनाब ने ये शब्द कहकर मैडम को तसल्ली दी थी।”

पुलिस वाले ने देवराज चौहान को पूरा फिर रूपा ईरानी को देखा।

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उस दौलत तक पहुँच पाना बेहद कठिन था, लेकिन देवराज चौहान अपनी योजना के दम पर, उस दौलत के बेहद करीब जा पहुंचा, तभी…

देवराज चौहान

द्वारा रोंगटे खड़े कर देने

वाली सनसनीखेज डकैती-

‘डकैती तेरे नाम की’

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कदम-कदम पर खतरा ही खतरा है।

पढ़ते वक़्त आप दिल धाम कर बैठ जाईयेगा।

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विश्वप्रसिद्ध लेखक अनिल मोहन की कलम से निकला हुआ एक शानदार उपन्यास।

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