SAMKALEEN HINDI AUR URDU GHAZAL KA ANTHSAKSHYA


Worth: ₹ 150.00
(as of Sep 21,2021 17:52:42 UTC – Particulars)


विवेचन को व्यवस्थित बनाने के लिए इस पुस्तक को छह अध्यायों में विभाजित किया गया है। प्रथम अध्याय में ग़ज़ल के स्वरूप का विवरण देते हुए ग़ज़ल की परिभाषा, शिल्प, प्रमुख अंग, विशेषताएँ और उर्दू के प्रमुख काव्य रूपों पर प्रकाश डाला गया है। द्वितीय अध्याय में ग़ज़ल के विकास का संक्षिप्त विवरण है। ग़ज़ल के विकास क्रम को उर्दू भाषा के संदर्भ में और हिन्दी भाषा के क्रम में रेखांकित भी किया है। तृतीय अध्याय में समकालीन हिन्दी और उर्दू ग़ज़ल के प्रतिनिधि ग़ज़लकारों के वर्णन में हिन्दी से समकालीन 22 ग़ज़लकारों को और उर्दू के 20 ग़ज़लकारों को शामिल किया है। उर्दू के प्रतिनिधि ग़ज़लकारों में जिन 20 ग़ज़लकारों का चयन किया गया उसमें 8 ग़ज़लकार पाकिस्तान से हैं। चतुर्थ अध्याय में समकालीन हिन्दी और उर्दू ग़ज़ल में अभिव्यक्त सामाजिक और राजनीतिक चेतना का विश्लेषण किया गया है। पंचम अध्याय में समकालीन हिन्दी-उर्दू ग़ज़ल में वर्णित संवेदना पक्ष पर विवेचना करते हुए $गज़ल की संवेदना के साथ का निजी और समष्टि प्रेम को मनोवैज्ञानिक पक्ष और व्यंग्य आदि का विश्लेषण है। षष्ठ अध्याय में समकालीन हिन्दी और उर्दू ग़ज़ल के शिल्प पक्ष पर प्रकाश डाला गया है। इसके अन्तर्गत ग़ज़ल की भाषा, शिल्प, बिम्ब विधान, प्रतीक, छन्द, अलंकार आदि का विवेचन किया है। उपसंहार में अध्ययन का सार प्रस्तुत किया गया है.

See also  Yajnaseni: The Story of Draupadi
iamin.in participates in the Amazon Services LLC Associates Program, an affiliate advertising program designed to provide a means for sites to earn advertising fees by advertising and linking to Amazon.in. Amazon and the Amazon logo are trademarks of Amazon.in, Inc. or its affiliates.iamin.in is a participant in the Amazon Services LLC Associates Program, an affiliate advertising program designed to provide a means for sites to earn fees by advertising and linking to Amazon.in. Some links on this site will lead to a commission or payment for the site owner.