SANSKRIT SAHITYA KA ITIHAS


Value: ₹ 67.00
(as of May 18,2021 17:20:00 UTC – Particulars)


मेरा विनम्र प्रयास है कि इस पुस्तक के माध्यम से संस्कृत के छात्रों, जिज्ञासुओं, अनुसंधानकर्ताओं तथा सहृदयजनों को काव्यधारा सम्बन्धी विशिष्ट जानकारी, काव्य के विविध रूपों का उद्गम एवं विकास का परिचय तथा प्रज्ञा की परिपुष्टि के लिए व्युत्पत्तिपरक तथ्यों का उपास्थिकरण हो सके। साहित्यिक कथनों की सरलतम व्याख्या द्वारा उसके अन्तर तक पहुँचना ही वर्णन का उद्देश्य रहा है जैसे-दण्डी महाकवि क्यों हैं? बाण का साहित्य हमारे साहित्य को उच्छिष्ट क्यों बना रहा है? पद-लालित्य क्या है? कालिदास उपमा के सम्राट क्यों हैं? भारवि में अर्थगुरुता का कारण क्या है? गद्य कवियों की निकषा क्यों है? भारवि में अर्थगुरुता का कारण क्या है? गद्य कवियों की निकषा क्यों हैं? आदि विषयों का सफल समाधान प्रस्तुत किया गया है जो सुधी छात्रों, काव्यप्रणेताओं, जिज्ञासुओं तथा शोधकर्ताओं के लिए नितान्त उपयोगी सिद्ध होगा। इसके साथ ही कुछ काल विषयक तथ्य ऐतिहासिक महाकाव्य-रामायण, महाभारत आदि की प्रणयन सम्बन्धी धारणाओं पर मौलिक चिन्तन ज्ञानवद्र्धक सिद्ध होगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि छात्र वर्ग, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले, अनुसंधानकर्ता तथा जिज्ञासु वर्ग अवश्य ही लाभान्वित होगा। यदि मेरा यह विनम्र प्रयास थोड़ा भी सहायक सिद्ध हो सका तो मैं अपने को धन्य मानूँगा। मैं उन सभी विद्वानों का हृदय से आभारी हूँ जिनके सत्परामर्श तथा साहित्य ने मेरे लेखन कार्य का मार्ग प्रशस्त किया है। इस पुस्तक प्रणयन में डाॅ. अखिलेश पाठक की कृति का भरपूर सहयोग लिया गया है, एतदर्थ हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ। अधिक जानकारी एवं किताबों की सूची के लिए सम्पर्क करें 9456483713

READ  Stitch Fashionable New Designed Punjabi Jutti in Cream Color for Girls/Women_Geniune Leather
iamin.in participates in the Amazon Services LLC Associates Program, an affiliate advertising program designed to provide a means for sites to earn advertising fees by advertising and linking to Amazon.in. Amazon and the Amazon logo are trademarks of Amazon.in, Inc. or its affiliates.iamin.in is a participant in the Amazon Services LLC Associates Program, an affiliate advertising program designed to provide a means for sites to earn fees by advertising and linking to Amazon.in. Some links on this site will lead to a commission or payment for the site owner.